बेहतर ताल-मेल एवं समन्वय के साथ करें प्रवर्तन कार्रवाईः डीएम
नार्काे को-आर्डिनेशन समिति की बैठक सम्पन्न
बहराइच 19 मई। नारकोटिक्स पदार्थाे के संचरण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्काे को.आर्डिनेशन कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि बेहतर ताल-मेल एवं समन्वय के साथ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स पदार्थाे के अवैध संचरण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाये। डीएम ने कहा कि सभी एजेन्सियों के बीच संवादहीनता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। यदि कोई सूचना प्राप्त होती है तो सभी सम्बन्धित एजेन्सी सूचनाओं को एक-दूसरे के साथ शेयर करते हुए तत्काल प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई कर नियमानुसार सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान डीएम ने सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिया कि विगत बैठक में दिये गये निर्देशों की अनुपालन आख्या तत्काल उपलब्ध कराएं। डीएम ने अपराध निरोधक एजेन्सियों को निर्देश दिया कि किसी भी कार्रवाई के दौरान नारकोटिक्स और ड्रग्स की ज़ब्त की गयी मात्रा तथा उस सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही का विवरण समिति की बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाय।
डीएम ने औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिया गया कि मेडिकल स्टोरों की संघन चेकिंग अभियान संचालित कर प्रतिबंधित नशीली औषधियों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाय कि चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही दवाओं की बिक्री की जाय तथा सम्बन्धित मेडिकल स्टोर्स द्वारा उनका लेखा-जोखा रजिस्टर में अंकित किया जाय। डीएम ने निर्देश दिया कि मादक पदार्थों की बिक्री एवं संचरण के लिए संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाय। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के नमूने परीक्षण हेतु भेजे जाने का ब्योरा प्रत्येक बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा प्रस्तुत किया जाय।
डीएम मोनिका रानी ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि युवा पीढ़ी विशेषकर छात्र.छात्राओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए संयुक्त रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर उसे क्रियान्वित भी कराएं। अपराध निरोधक एजेंसीज को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यशाला का निरन्तर आयोजन कर तद्नुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। समाज कल्याण अधिकारी को नशामुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रम संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि नशे की आदत से खराब स्वास्थ्य और सामाजिक पारिवारिक रूप से जूझ रहे व्यक्तियों को सही रास्ते पर लाने हेतु मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराये जाने की पहल की जाय। पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह द्वारा पुलिस एवं आबकारी व औषधि प्रशासन विभागों की संयुक्त टीम को मेडिकल स्टोरों की संघन चेकिंग अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, एसएसबी 59वीं बटालियन के कमाण्डेन्ट कैलाश चन्द्र रमोला व 42वीं बटालियन कमाण्डेंट गंगा सिंह उदावत, अपर पुलिस अधीक्षक नगर रामानंद कुशवाहा, ग्रामीण दुर्गा प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय कुमार, डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह, कतर्नियाघाट बी. शिवशंकर, एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार, सम्बन्धित एसडीएम, अधि. अभि. पीडब्ल्यूडी, जिला आबकारी अधिकारी संधाशु सिंह, ईओ प्रमिता सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
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[19/05, 5:04 pm] Suchna Waris: संभावित बाढ़ से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी रखी जाएं: डीएम
चित्र संख्या 07 व 08 तक तथा फोटो कैपशन
बहराइच 19 मई। डीएम ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों व उप जिलाधिकरियों को निर्देश दिया कि समय से पूर्व मानसून के आगमन के पूर्वानुमान को मद्देनज़र रखते हुए संभावित बाढ़ के दौरान राहत व बचाव कार्यों के सफल संचालन के सभी तैयारियां पूरी कर ली जायंे। डीएम ने कहा कि बाढ़ व कटान से सुरक्षा के लिए संचालित कार्यों की एसडीएम सतत निगरानी कर यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य वर्षा से पूर्व मुक्ममल हो जायें। डीएम ने कहा कि संभावित बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन के लिए कार्मिकों की तैनाती के साथ साथ बाढ़ शरणालयों की पर्याप्त साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल व प्रसाधन इत्यादि के बन्दोबस्त कर लिये जायें। क्षेत्र में रह रहे नाविकों की सूची तैयार कर ली जाय तथा मोटर बोट, नावों की आवश्यकता इत्यादि का आंकलन कर समय पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित करा ली जाय।
डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को अर्ली अलार्म सिस्टम के प्रति जागरूक किया जाय। बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को वितरण किये जाने वाले राहत सामग्री की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। पशुओं के चारे के साथ-साथ हरा चारा चोकर की भी व्यवस्था किया जाय। बाढ़ के दौरान तथा उसके पश्चात संक्रामक रोगों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर संक्रामक रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाय। डीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन के लिए प्रकाश हेतु वैकल्पिक प्रबन्ध भी किये जायें।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में दवा, एन्टीवेनम इत्यादि की भी समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। डीएम ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ ऐसी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें कि संभावित बाढ़ के दौरान न्यून से न्यूनतम धन जन हानि हो तथा राहत एवं बचाव कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित किया जाय।
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